राजधानी के आरिफ नगर इलाके में 60 वर्षीय महिला की चाकुओं से गोदकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्या के बाद आरोपी ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। आरोपी वही व्यक्ति था, जिसे महिला ने जेल से छूटने के बाद अपने घर में शरण दी थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रीतम कुशवाहा वर्षों पहले अपने ही तीन बच्चों की हत्या के मामले में सजा काट चुका था। करीब एक साल पहले वह जेल से रिहा हुआ था। रिहाई के बाद जब वह अपने पैतृक गांव तेंदुखेड़ा (जिला दमोह) पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसे वहां से भगा दिया। इसके बाद वह भोपाल आ गया और अपनी परिचित दुर्गा बाई के संपर्क में आया।
दोनों एक ही संत के यहां प्रवचन सुनने जाते थे, इसी कारण वे एक-दूसरे को गुरु भाई-बहन मानते थे। दुर्गा बाई ने मानवता के नाते आरोपी को आरिफ नगर स्थित अपने दूसरे मकान में रहने के लिए कमरा दे दिया। वह किरायेदार नहीं था, बल्कि शरण में रह रहा था।
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करीब छह माह से दुर्गा बाई आरोपी पर कमरा खाली करने का दबाव बना रही थीं। आरोपी जाने को तैयार नहीं था और अक्सर पूर्वी निशातपुरा स्थित उनके घर पहुंचकर खाने-पीने का सामान मांगता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। सोमवार दोपहर आरोपी पूर्वी निशातपुरा पहुंचा और दुर्गा बाई से कहा कि वह कमरा खाली करने की तैयारी कर रहा है, इसलिए सफाई के लिए साथ चलें। महिला उसके झांसे में आ गई और उसके साथ आरिफ नगर चली गई।
कमरे में ले जाकर आरोपी ने दुर्गा बाई पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक महिला के सीने, पेट और गर्दन पर एक दर्जन से अधिक वार किए गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी कुछ दूरी पर गया और ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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